गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के हॉस्टल्स में छात्रों की हेल्थ एंड वेल्बिंग के लिए मनोविज्ञान एवं मानसिक स्वास्थ्य विभाग के द्वारा रहीम हॉस्टल में एक प्रभावी और जागरूकता आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रताप सिंह ने किया I
कार्यशाला का उद्देश्य हॉस्टल्स में रह रहे विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों, जोखिम संकेतों और सहायता लेने के उपयुक्त समय के बारे में स्पष्ट जानकारी प्रदान करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष फ्लायर तैयार किए गए, जिनमें विस्तार से बताया गया कि किन परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता लेना आवश्यक हो सकता है।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के “नो योर फ्रेंड ” अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अभियान का लक्ष्य विद्यार्थियों को अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अपने साथियों के प्रति संवेदनशील रहकर समय पर उनकी सहायता करने के लिए प्रेरित करना है।
विश्वविद्यालय में उपलब्ध नियमित ओपीडी सुविधा के बारे में भी जानकारी दी गई, जहां अनुभवी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और मार्गदर्शन देने के लिए उपस्थित रहते हैं। विभाग में 11 से 14 प्रशिक्षित संकाय सदस्य, 20 से अधिक एमफिल प्रशिक्षु और 6 पीएचडी स्कॉलर विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक सहयोग में योगदान दे रहे हैं।
कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों का विस्तृत एवं व्यावहारिक समाधान प्रदान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डीन स्टूडेंट अफेयर्स डॉ. मनमोहन सिसोदिया और हॉस्टल वार्डन डॉ राकेश कुमार का विशेष सहयोग रहा। इस कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्य डॉ पूजा कुमारी, डॉ शिप्रा शर्मा और डॉ अनु तेवतिया भी उपस्थित रहीं।





