नोएडा के एक रिहायशी भवन में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्राउंड फ्लोर पर चार्ज हो रहे एक इलेक्ट्रिक स्कूटर से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि इमारत में रहने वाले करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद भवन में मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकलने की कोशिश की। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को सीढ़ियों और बालकनी के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना की शुरुआत इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी चार्जिंग के दौरान हुई चिंगारी से हुई थी। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों की टीम जांच कर रही है।
इस घटना के बाद एक बार फिर रिहायशी इमारतों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्जिंग और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बैटरी चार्जिंग के दौरान उचित सुरक्षा उपायों और वेंटिलेशन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।









