पेपर लीक और बेरोजगारी पर युवाओं का दर्द समझिए, शशि थरूर ने लिखा खुला पत्र

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने युवाओं के नाम एक भावनात्मक खुला पत्र जारी किया है। अपने पत्र में उन्होंने परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं का सबसे बड़ा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बच्चों पर पड़ता है।

थरूर ने लिखा कि आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों के बच्चों के पास विकल्पों की कमी नहीं होती, लेकिन सामान्य परिवारों के छात्र अपनी मेहनत, पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के भरोसे अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था पर उठने वाले सवाल लाखों युवाओं के विश्वास को कमजोर कर देते हैं।

उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से कहा कि उनका गुस्सा अनुशासनहीनता नहीं बल्कि उस पीढ़ी की पीड़ा है जिसने पूरी ईमानदारी और मेहनत से तैयारी की, लेकिन व्यवस्था की खामियों का सामना करना पड़ा। थरूर ने युवाओं से उम्मीद न खोने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने की अपील की।

अपने पत्र में उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि देश को आगे की लड़ाई के लिए वांगचुक जैसी आवाजों की आवश्यकता है और अब इन मुद्दों को संसद के मंच पर उठाने का समय आ गया है।

शशि थरूर ने केंद्र सरकार से भी आंदोलनकारी छात्रों के साथ संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत और समाधान का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का समर्थन भी आंदोलन को लगातार मिल रहा है।

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें