उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां अब अपवाद नहीं, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन चुकी हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में पेपर लीक के 152 मामले सामने आए, लेकिन अब तक किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के उन छात्रों को होता है, जो वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना भविष्य तलाशते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के बच्चों के पास कई विकल्प मौजूद होते हैं, लेकिन सामान्य परिवारों के छात्रों के लिए एक परीक्षा और एक नौकरी ही उनके सपनों का सहारा होती है। ऐसे में जब परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठते हैं तो केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का भरोसा टूटता है।
राहुल गांधी ने उत्तराखंड को पेपर लीक मामलों का केंद्र बताते हुए कहा कि नकल विरोधी कानून लागू होने के बावजूद परीक्षा अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। उन्होंने इसे केवल “पेपर लीक” नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य और मेहनत की “चोरी” बताया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद रहे। राहुल गांधी ने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग जारी रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए युवाओं का विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है और इसके लिए परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना होगा।








