हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर लगने वाले विशेष सेस को बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे ईंधन खरीदना अब पहले से महंगा हो जाएगा। यह बदलाव बुधवार, 12 अगस्त 2026 की रात 12 बजे से प्रभावी होगा।
हर लीटर पर 60 पैसे अतिरिक्त
‘अनाथ और विधवा सेस’ नाम से लगने वाले इस टैक्स में बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल दोनों पर प्रति लीटर 60 पैसे ज्यादा देने होंगे। यह सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला बदलाव है।
कब हुई इसकी शुरुआत
गौरतलब है कि इसका रास्ता अप्रैल 2026 में ही साफ हो गया था, जब विधानसभा के बजट सत्र में हिमाचल प्रदेश VAT (संशोधन) कानून, 2026 पास हुआ था। इस कानून के तहत सेस की सीमा अधिकतम 5 रुपये प्रति लीटर तक रखी जा सकती है। फिलहाल सरकार ने अधिसूचना जारी कर 60 पैसे की दर लागू की है।
कल्याण योजनाओं में खर्च होगा पैसा
सरकार के मुताबिक इस सेस से जुटने वाली रकम राज्य की सामाजिक कल्याण योजनाओं में लगाई जाएगी।
दूसरी तरफ मजदूरों के लिए खुशखबरी
एक तरफ जहां तेल महंगा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार निर्माण श्रमिकों के हित में भी बड़ा फैसला लेने जा रही है। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अलग-अलग योजनाओं के तहत 4,967 पात्र मजदूरों को कुल 20.61 करोड़ रुपये बांटेगा। बोर्ड के पास अभी लगभग 4.84 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं। पिछले साढ़े तीन साल में सरकार करीब 95 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है और अगले साल 300 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
e-KYC में सामने आया बड़ा घोटाला
बोर्ड ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 98 हजार मजदूरों का e-KYC सत्यापन शुरू किया, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ — 2021-22 में करीब 70 हजार अपात्र लोगों के नाम सूची में जोड़ दिए गए थे, जिन्हें 176 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांट दी गई। अब इन नामों को व्यवस्था से हटाया जा रहा है।
योजनावार फंड आवंटन इस प्रकार है:
- शादी सहायता: 8.98 करोड़
- शिक्षा सहायता: 7.89 करोड़
- मृत्यु व अंत्येष्टि सहायता: 1.49 करोड़
- CM/PM आवास योजना: 89.77 लाख
- एकल/परित्यक्ता/दिव्यांग महिला सहायता: 61 लाख
- मातृत्व-पितृत्व सहायता: 38.02 लाख








