किसानों ने आपस में बैठकर कल की मीटिंग के बाद हो रहे कामों की समीक्षा की तथा किसानों से सभी बकाया कामों के प्रत्यावेदन देने की नीति भी तैयार की जिससे आवेदन न होने की स्थिति में प्राधिकरण के अधिकारी कामों को न करने का बहाना ना बन सके।
क्षेत्र में किसानों के हित में संयुक्त किसान मोर्चा बनने की घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा हुई जैसा कि कल भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर चौहान ने कहा था कि किसानों का अलग-अलग धरना प्रदर्शन करना हमेशा क्षेत्र में एक चर्चा का विषय रहा है । पिछले लगभग एक सप्ताह से संयुक्त किसान मोर्चा की कावादत चल रही है और भारतीय किसान यूनियन मंच भी इस पर लगातार किसान मोर्चे के कुछ नेताओं के संपर्क में है।
क्षेत्र के दो बड़े मुद्दे को लेकर इस पर सहमति बनी है और भारतीय किसान यूनियन मंच भी अपने क्षेत्र के किसानों की भलाई को ध्यान में रखते हुए संयुक्त किसान मोर्चा की लड़ाई से दूर नहीं रहेगा। जो भी किसान संगठन सही मायने में किसानों के हित के लिए बात करता है वह कभी भी किसान एकता से दूर नहीं हो सकता और भारतीय किसान यूनियन मंच इसी मानसिकता से अपने क्षेत्र के लोगों के पास जाता है और जहां से भी किसानों के काम होने की संभावना बढ़ती है उसे मोर्चे में शामिल रहेगा।
शासन प्रशासन और सरकार जो किसानों को अलग-अलग धड़े के रूप में देखती है और सरकार को भ्रमित करती है उस संभावना को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में यह निर्णय लिया गया है।
जल्द ही संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं से संपर्क साधकर संयुक्त बयान जारी पर करने पर भी विचार किया जाएगा और अब तक बनी नीति और रिति पर भी चर्चा की जाएगी जिससे एक सकारात्मक संदेश क्षेत्र में जाए और ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सके और अपने लोगों को सभी विषय की जानकारी दे सके क्योंकि किसी भी व्यवस्था से जोड़ना और उसे लंबा लेकर जाने के लिए उन व्यवस्थाओं की बेहतर जानकारी और समझ होना बहुत जरूरी होता है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से शासन प्रशासन के माध्यम से हो रहे कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी अगर प्राधिकरण ने फिर शिथिल रवैया अपनाया तो आने वाले सोमवार को उनकी कार्यशैली के अनुरूप ही कठोर निर्णय लिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन मंच लगातार लोगों से संपर्क साध रहा है और नए लोगों और ग्रामों को संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
इस आंदोलन को जन आंदोलन में बदलकर अबकी बार संपूर्ण समाधान की तरफ ध्यान केंद्रित है। धरना यथावत जारी रहेगा।





