नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा था। बुधवार को अमित शाह ने साफ कर दिया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
चर्चा का समय भी तय किया
अमित शाह ने कहा कि सरकार हर चीज पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को संसद चलने देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह दोपहर 2 बजे तक स्पीकर को चर्चा के लिए पत्र सौंप दे, जिसके बाद सरकार उसी दिन दोपहर 3 बजे से रात तक और अगले दिन दोपहर 3 बजे तक भी चर्चा के लिए तैयार रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद इस चर्चा में शामिल होंगे।
“छिपाने के लिए कुछ नहीं”
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वे नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र आंदोलन से जुड़े हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने संसद क्यों नहीं चलने दिया, इस सवाल का भी वे जवाब देंगे। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार रहती है, और जरूरत पड़ने पर स्पीकर की अनुमति से प्रश्न काल स्थगित करने को भी तैयार है।
राहुल गांधी का तीखा पलटवार
अमित शाह के इस चैलेंज पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फौरन जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें और देश की युवा पीढ़ी को गृह मंत्री का कोई लेक्चर नहीं सुनना है। राहुल गांधी ने सीधा सवाल पूछा कि छात्रों पर बल प्रयोग और गोली चलाने का आदेश आखिर किसने दिया, और अगर यह आदेश अमित शाह ने ही दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
“सिर्फ एक सवाल का जवाब चाहिए”
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें कोई सफाई या तर्क नहीं चाहिए, बल्कि सिर्फ यह जानना है कि छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि किसके इशारे पर एक छात्र को अंधा कर दिया गया, दूसरे को गोली मारी गई, और कीलों वाली लाठियों से पिटाई करवाई गई। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक इसका सही जवाब नहीं मिलता, तब तक कोई चर्चा स्वीकार्य नहीं होगी।








