माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान के जनाजे में अब उसके दो बड़े भाई भी शामिल हो सकेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मोहम्मद उमर और अली अहमद की पैरोल याचिका को मंजूरी दे दी है। उमर फिलहाल लखनऊ जेल में और अली झांसी जेल में बंद है। कोर्ट ने पैरोल देते हुए सख्त शर्त रखी है कि दोनों भाई इस दौरान मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। पुलिस दोनों को सीधे कब्रिस्तान लेकर जाएगी और वहां से वापस जेल भेजा जाएगा।
पुलिस की निगरानी में होगा पूरा सफर
अतीक के पांचवें नंबर के बेटे अबान का जनाजा उठेगा और कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक की रस्म पूरी की जाएगी। लखनऊ जेल से उमर अहमद और झांसी जेल से अली अहमद को पुलिस अपनी निगरानी में सीधे कब्रिस्तान लेकर जाएगी। गौरतलब है कि अबान की गुरुवार को झांसी के पास एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
अतीक की कब्र के बगल में खोदी गई अबान की कब्र
फिलहाल अबान का शव बुआ के घर पर रखा गया है, जहां करीबी रिश्तेदार, गांव वाले और समर्थक लगातार पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हादसे में अबान के साथ जान गंवाने वाले उसके दोस्त सोनू का अंतिम संस्कार जुम्मे की नमाज के बाद हटवा गांव के स्थानीय कब्रिस्तान में किया जाएगा।
वहीं अबान को अतीक अहमद के पैतृक कब्रिस्तान कसारी मसारी में दफनाया जाएगा। यही वह जगह है जहां अतीक अहमद, उसके पिता हाजी फिरोज अहमद, मां, भाई अशरफ और बेटे असद को पहले ही सुपुर्द-ए-खाक किया जा चुका है। अबान की कब्र भी ठीक अतीक अहमद की कब्र के बगल में तैयार की गई है।
देर शाम तक पूरी होगी अंतिम रस्म
हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद अब कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उम्मीद है कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होते ही देर शाम तक कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा।







