मशहूर कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई विवाद नहीं बल्कि नेकी भरा कदम है। असम में आई भयंकर बाढ़ से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए समय रैना ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये का योगदान दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में आम लोगों की ऐसी भागीदारी राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए बेहद जरूरी होती है।
हालांकि समय की इस दरियादिली की चर्चा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर एक और बहस भी छिड़ गई है। बड़ी संख्या में उनके फैंस अब मुख्यमंत्री से अपील कर रहे हैं कि समय रैना के खिलाफ दर्ज पुरानी एफआईआर को भी वापस ले लिया जाए।
सोशल मीडिया पर फैंस की अपील तेज
जैसे ही समय के इस दान की खबर वायरल हुई, नेटिज़न्स के कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने CM हिमंत बिस्वा सरमा से पुराना मामला भूलकर केस वापस लेने की गुजारिश की। एक यूजर ने लिखा कि इतने बड़े दिल वाले इंसान पर से केस हटा देना चाहिए, जबकि किसी और यूजर ने भावुक अंदाज में जिंदगी के उतार-चढ़ाव को लेकर टिप्पणी की। वहीं कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में सरकार ने उनके खिलाफ काफी सख्त रवैया अपनाया था।
खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से समय रैना का धन्यवाद करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
आखिर क्यों दर्ज हुई थी समय रैना पर FIR?
समय रैना के खिलाफ मामला दरअसल पिछले साल यानी 2025 के एक विवाद से जुड़ा है। यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया समय के लोकप्रिय शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में गेस्ट जज के तौर पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एक प्रतिभागी से उसके माता-पिता की निजी जिंदगी को लेकर बेहद आपत्तिजनक सवाल पूछ लिया था, जिसके बाद यह मामला काफी तूल पकड़ गया।
विवाद इतना बढ़ा कि राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक इसकी गूंज पहुंची। इसके बाद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर गुवाहाटी पुलिस ने 10 फरवरी 2025 को समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया समेत अन्य कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी थी।
बाढ़ से जूझ रहा है पूरा असम
समय रैना का यह योगदान ऐसे समय आया है जब असम भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 13 जिलों में करीब 1.55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इस तरह की मदद न सिर्फ पीड़ितों को तत्काल राहत देती है, बल्कि आपदा के इस मुश्किल दौर में समुदायों के पुनर्निर्माण में जनभागीदारी को भी बढ़ावा देती है।








