एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में भी पास, विपक्ष ने किया वॉकआउट, कानून बनने से बस एक कदम दूर

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जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया

लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद अब एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में भी पास हो गया है। सदन में इस बिल पर करीब सात घंटे चर्चा चली, जिसका जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने दिया। जवाब के बाद यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया। जितेंद्र सिंह ने चर्चा के दौरान विपक्ष के हर आरोप का बारी-बारी जवाब दिया और साफ किया कि इस बिल का असल नाम “पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम)” है, न कि केवल “पेपर लीक बिल”।

हर परिवार से जुड़ा मुद्दा – जितेंद्र सिंह

जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा देश के हर परिवार को छूता है और विकसित भारत 2047 के सपने में बच्चों का भविष्य एक बड़ा निवेश है। उन्होंने विपक्ष के इस दावे पर सवाल उठाया कि 152 पेपर लीक हुए, यह कहते हुए कि विपक्ष इसे साबित नहीं कर सका। उन्होंने एम्स, मेडिकल कॉलेजों और सीटों की बढ़ती संख्या के आंकड़े गिनाए और बताया कि मैनेजमेंट कोटा खत्म कर मेडिकल शिक्षा को ज्यादा सुलभ बनाया गया है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को विषय चुनने की आजादी, आदिवासी इलाकों में खुले करीब 400 एकलव्य विद्यालय, और विदेशों में भारतीय छात्रों के बढ़ते करियर अवसरों का भी जिक्र किया। जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कानून सिर्फ NTA तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि SSC, UPSC और बैंकिंग परीक्षाएं भी इसके दायरे में आएंगी।

साइबर सिक्योरिटी और राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशें

जितेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। राधाकृष्णन कमेटी की 46 सिफारिशों में से 37 पहले ही लागू की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पेपर लीक की घटनाएं राज्य स्तर पर हुई हैं, NTA के स्तर पर नहीं। कोचिंग इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ाने के सुझावों का स्वागत करते हुए उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक टास्क फोर्स भी इसी मकसद से बनाई गई है।

ध्वनिमत से पास हुआ बिल

बिल के कुछ हिस्सों पर विपक्षी सांसदों जॉन ब्रिटास, एए रहीम, हरीश बीरान और संतोष कुमार पी ने संशोधन के नोटिस दिए थे, लेकिन वोटिंग के वक्त सदन में मौजूद नहीं रहे। पी विल्सन और तिरुचि शिवा के प्रस्तावित संशोधन भी वोटिंग में गिर गए। आखिरकार बिल ध्वनिमत से पास हो गया। अब यह दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर व नोटिफिकेशन के बाद कानून की शक्ल ले लेगा।

विपक्ष का आरोप – सजा पर जोर, रोकथाम पर नहीं

चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर आम आदमी पार्टी के संजय सिंह तक, लगभग हर विपक्षी वक्ता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि यह सिर्फ दिखावटी सुधार हैं और असली समस्या NTA में है। संजय सिंह ने कहा कि सरकार को खुद अपने सिस्टम पर भरोसा नहीं है कि ऐसा पेपर बन पाएगा जो लीक ही न हो।

जवाब से पहले विपक्ष का वॉकआउट

राज्यसभा में विपक्ष के डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी गृह मंत्री चर्चा खत्म होने से पहले सदन में आएंगे। जब ऐसा नहीं हुआ तो विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा और जवाब के वक्त वॉकआउट करना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है।

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