ऑपरेशन ब्रह्मा: भारतीय राजदूत ने लिया राहत कार्यों को जायजा

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नेपीडॉ। म्यांमार में भारतीय राजदूत अभय ठाकुर ने हाल ही में म्यांमार के उप प्रधानमंत्री टिन आंग सान, मंत्रियों सो विन, कान जॉ और उप विदेश मंत्री यू ल्विन ऊ के साथ मिलकर ऑपरेशन ब्रह्मा पर चर्चा की। इसके अलावा राजदूत ठाकुर ने जमीनी राहत प्रभाव का आकलन किया। उन्होंने प्यिनमाना में स्थानीय काली अम्मन मंदिर का दौरा किया और वहां भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की।

ऑपरेशन ब्रह्मा म्यांमार में हाल ही में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत द्वारा शुरू किया गया मानवीय राहत प्रयास है। इसे आपदा के बाद अपने पड़ोसी देश की सहायता के लिए भारत द्वारा एक त्वरित और मजबूत प्रतिक्रिया के रूप में शुरू किया गया था।

म्यांमार में 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के भयंकर भूकंप के बाद भारत ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाते हुए लगातार पड़ोसी देश की मदद की है। पहले प्रतिक्रिया देने वाले (फर्स्ट रेस्पॉन्डर) देश के रूप में भारत ने तुरंत संसाधन और सहायता तैनात की। 29 मार्च को राहत सामग्री और एक खोज एवं बचाव दल लेकर एक सी-130 विमान म्यांमार में उतरा था, जहां राजदूत ठाकुर ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट के 118 कर्मियों और 80 टन राहत सामग्री लेकर दो सी-17 विमान पहुंचे। इसके अलावा एक शिपमेंट ने अतिरिक्त 442 टन खाद्य सहायता और अन्य आवश्यक आपूर्ति पहुंचाईं। मिशन के हिस्से के रूप में स्थापित फील्ड अस्पताल ने अभी तक 800 से अधिक रोगियों का इलाज किया है।

म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा द्विपक्षीय और सार्वजनिक वार्ता, भूकंप प्रभावित लोगों, केंद्रीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों और म्यांमार में हमारे प्रवासी लोगों ने ऑपरेशन ब्रह्मा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पहले और सबसे महत्वपूर्ण प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में भारत की व्यापक रूप से सराहना की और धन्यवाद दिया।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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