कासना के सुखपाल को स्पष्ट बोलना पडा भारी, हो गई हत्या

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गौतमबुद्धनगर। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना पुलिस ने सुखपाल हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुरानी रंजिश को लेकर सुखपाल की शूटरों द्वारा हत्या कराई गई। इस मामले में पुलिस ने षडयंत्र रचने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि घटना को अंजाम देने वाले शूटर अभी भी फरार चले हैं।

दरअसल, कासना गांव निवासी सुखपाल सिंह परिवार के साथ गांव में रहता था। वह खेतीबाड़ी और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। बीती 11 जनवरी को वह अपनी बाइक पर सवार होकर दादरी कोतवाली क्षेत्र में घोड़ी बछैड़ा गांव के करीब स्थित काशीराम कॉलोनी में किसी परिचित के पास मुलाकात के लिए जा रहा था। रास्‍ते में अज्ञात हमलावरों ने उसको गोली मार दी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल अवस्‍था में सुखपाल को उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित एक निजी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई।

दरसअल मृतक सुखपाल की ससुराल ईकोटेक-तीन कोतवाली क्षेत्र के सुनपुरा गांव में है। सुखपाल के साले रोहित की गांव के ही प्रवीण नामक एक युवक से दोस्‍ती थी। रोहित और प्रवीण अपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। सूत्रों के अनुसार साल 2018 में रोहित और प्रवीण ने एक घटना साल 2018 में अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देकर मौके से फरार होते समय भीड़ ने प्रवीण को पकड़ लिया था। भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई कर दी जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक प्रवीण का भाई नीशू रोहित को प्रवीण की हत्‍या के लिए जिम्‍मेवार मानता है। फिलहाल रोहित जेल में है और नीशू के डर से वह जमानत पर बाहर नहीं आ रहा है।

बताया जा रहा है कि नीशू ने भाई का बदला लेने के लिए लगभग दो साल पूर्व गांव में ही रोहित के पिता रामकिशोर पर फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में वह बाल बाल बच गए थे। इसके बाद नीशू ने बाद में रामकिशोर पर चाकू से हमला भी किया था। उपचार के लिए पीडित को करीब के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्‍हें गंभीर हालत में उन्‍हें दिल्‍ली रेफर किया गया था। आरोपी नीशू के खिलाफ ईकोटेक-3 कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज है। इस पूरे प्रकरण में सुखपाल पैरवी कर रहा था।

बताया जाता है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत एवं सहमति से समझौते के भी प्रयास हुए थे। समझौते में सुखपाल के ससुराल पक्ष से पांच लाख रूपये मांगे गए थे। बताया जा रहा है कि सुखपाल ने यह कहते हुए समझौते से इंकार कर दिया था कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि फैसला की रकम देने के बाद दूसरा पक्ष से पीडित पक्ष की जान को खतरा नहीं होगा। इसके चलते दूसरा पक्ष सुखपाल से रंजिश रखता था। यही रंजिश सुखपाल हत्‍याकांड़ की वजह भी बनी।इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व साक्ष्यों के आधार पर पाया कि सुनपुरा निवासी नीशू और हापुड़ निवासी शादाब ने सुखपाल की गोली मारकर हत्या की थी। और इस हत्याकांड की योजना बनाने वाले रतन सिंह और साजिद सैफी इसमें शामिल थे। साजिद और नीशू के पिता रतन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन दोनों शूटर नीशू और शादाब अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस के द्वारा दोनों शूटरों की तलाश की जा रही है।

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