नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस को मोबाइल चोरी के मामलों में बड़ी सफलता मिली है। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न घटनाओं में चोरी किए गए 49 मोबाइल फोन और 2 अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें लौटाने की प्रक्रिया में जुटी है।
सेक्टर-18 के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई 2026 को सेक्टर-18 के सामने स्थित पार्क के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्की पुत्र मुकेश और आसिफ पुत्र आशु के रूप में हुई है।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में मौका देखकर लोगों के मोबाइल फोन चोरी करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 49 मोबाइल फोन और 2 अवैध चाकू बरामद किए हैं।

पहले से दर्ज मामलों का भी हुआ खुलासा
बरामद मोबाइलों में एक वीवो कंपनी का मोबाइल थाना सेक्टर-24 में दर्ज मोबाइल चोरी के मामले से संबंधित पाया गया। इसके अलावा दोनों आरोपियों ने थाना सेक्टर-20 में दर्ज एक अन्य मोबाइल चोरी की वारदात को भी स्वीकार कर लिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी विक्की टैक्सी चालक है, जबकि आसिफ कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। दोनों अपने काम के दौरान लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते थे और मौका मिलते ही मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
आरोपियों का विवरण
1. विक्की (39 वर्ष)
पुत्र – मुकेश
निवासी – मुल्तानी ढांडा, पहाड़गंज, थाना नबी करीम, दिल्ली।
2. आसिफ (24 वर्ष)
पुत्र – आशु
निवासी – राशिद अली गेट, थाना लोनी, गाजियाबाद।
बरामदगी
- 49 चोरी किए गए मोबाइल फोन
- 2 अवैध चाकू
दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
विक्की के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में मोबाइल चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आसिफ के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और मथुरा में मोबाइल चोरी तथा आर्म्स एक्ट के मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस आगे की जांच में जुटी
सेक्टर-20 पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद मोबाइल किन-किन राज्यों और जिलों से चोरी किए गए थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का किसी बड़े मोबाइल चोरी गिरोह से संबंध है या नहीं। पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान कर मोबाइल वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू करेगी।








