फुटवियर डिजाइन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट राष्ट्रीय महत्व का संस्थान

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एफडीडीआई के 08 परिसरों के सत्र 2024 एवं 2025 के स्नातकों के ‘दीक्षांत समारोह’ के अवसर पर फुटवियर डिजाइन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (एफडीडीआई) ने आज, 01 दिसंबर 2025 को भीम हॉल, डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में अपना दीक्षांत समारोह 2025 आयोजित किया।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री माननीय श्री पीयूष गोयल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री माननीय श्री जितिन प्रसाद ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। माननीय राष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को पदक प्रदान किए और उन्हें प्रेरणादायी संबोधन देते हुए उत्साह एवं दृष्टिकोण से परिपूर्ण संदेश दिया।

इस अवसर पर बोलते हुए भारत की माननीय राष्ट्रपति ने एफडीडीआई की विशिष्ट राष्ट्रीय महत्ता को रेखांकित किया, जो एक राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में फुटवियर, लेदर, फैशन तथा रिटेल क्षेत्रों के लिए विशिष्ट प्रतिभा को विकसित करता है। उन्होंने कहा कि ये कौशल-आधारित कार्यबल एवं समावेशी उद्योग युवाओं, महिलाओं और प्रथम-पीढ़ी के शिक्षार्थियों के लिए आजीविका उत्पन्न करते हैं तथा भारत के निर्यात और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।उन्होंने यह भी जोर दिया कि आज की दुनिया में डिज़ाइन केवल सौंदर्यशास्त्र का विषय नहीं रहा, बल्कि समस्याओं के समाधान, आराम एवं सुरक्षा में सुधार, संसाधनों के संरक्षण और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का माध्यम बन चुका है। माननीय राष्ट्रपति ने स्नातक हो रहे छात्रों का आह्वान किया कि वे जीवनभर सीखते रहें और पेशेवर उत्कृष्टता के साथ ईमानदारी तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखें।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और डिजाइन, प्रौद्योगिकी, स्थिरता और पैमाने के सही मिश्रण के साथ, देश फुटवियर, चमड़ा, फैशन, खुदरा क्षेत्र के उच्च गुणवत्ता वाले, डिजाइन-आधारित उत्पादों के लिए एक अग्रणी वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकता है, जिसमें एफडीडीआई इस परिवर्तन में एक प्रमुख संस्थागत भागीदार के रूप में कार्य करेगा।

माननीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री ने स्नातकों से आह्वान किया कि वे स्वयं को केवल नौकरी चाहने वाले के रूप में न देखें, बल्कि समस्या समाधानकर्ता और उद्यमी के रूप में भी देखें, जो नवाचार, जिम्मेदार मूल्य श्रृंखलाओं और एमएसएमई, क्लस्टरों और कारीगरों के साथ घनिष्ठ जुड़ाव के माध्यम से इस क्षेत्र को कम लागत वाले उत्पादन से “भारत से डिजाइन, विकास और नेतृत्व” की ओर ले जाने में मदद करेंगे।

समारोह में डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव, आईएएस सुश्री निधि केसरवानी; एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक, आईआरएस श्री विवेक शर्मा; एफडीडीआई के सचिव कर्नल पंकज कुमार सिन्हा; एफडीडीआई नोएडा की कार्यकारी निदेशक सुश्री मंजू मन; और भाग लेने वाले एफडीडीआई परिसरों के कार्यकारी निदेशक भी उपस्थित थे। उद्योग जगत के दिग्गज, शैक्षणिक प्रतिनिधि एवं एफडीडीआई के पूर्व छात्र भी समारोह में शामिल हुए।

एफडीडीआई की स्थापना 1986 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा भारत के फुटवियर और संबद्ध क्षेत्रों के विकास को सहयोग देने के लिए की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में, यह फुटवियर, चमड़ा, फैशन और खुदरा क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एक प्रमुख संस्थान के रूप में विकसित हुआ है। यह संस्थान अपनी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, मज़बूत उद्योग संबंधों और समर्पित संकाय के लिए जाना जाता है, और इसने विश्व स्तरीय शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और निरंतर नवाचार के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास पथ को आकार देने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहा है।

मास्टर डिग्री कार्यक्रम (पीजी कार्यक्रम)

क्र.सं. कार्यक्रम का नाम अवधि

1. मास्टर ऑफ डिज़ाइन – फुटवियर डिज़ाइन एण्ड प्रोडक्शन – (एम.डेस.- एफडीपी) 2 वर्ष (4 सेमेस्टर)

2. मास्टर ऑफ डिज़ाइन – फैशन डिज़ाइन – (एम.डेस.-एफडी) 2 वर्ष (4 सेमेस्टर)

3. मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन – रिटेल एण्ड फैशन मर्चेंडाइज (एमबीए-आरएफएम) 2 वर्ष (4 सेमेस्टर))

बैचलर डिग्री कार्यक्रम (यूजी कार्यक्रम)

1. बैचलर ऑफ डिज़ाइन – फुटवियर डिज़ाइन एण्ड प्रोडक्शन – (बी.डेस.- एफडीपी) 4 वर्ष (8 सेमेस्टर)

2. बैचलर ऑफ डिज़ाइन – लेदर लाइफस्टाइल एण्ड प्रोडक्ट डिज़ाइन – (बी.डेस.- एलएलपीडी) 4 वर्ष (8 सेमेस्टर)

3. बैचलर ऑफ डिज़ाइन – फैशन डिज़ाइन- (बी.डेस.- एफडी) 4 वर्ष (8 सेमेस्टर)

4. बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन – रिटेल एण्ड फैशन मर्चेंडाइज- (बीबीए-आरएफएम) 4 वर्ष (8 सेमेस्टर)

एफडीडीआई केवल डिग्री कार्यक्रम ही नहीं प्रदान करता, बल्कि फुटवियर और लेदर वैल्यू चेन में कौशल एवं प्रौद्योगिकी को उन्नत करने हेतु अल्पकालिक, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है। एक राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में, एफडीडीआई ने इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल आदि देशों में परामर्श एवं क्षमता-विकास सहायता प्रदान कर एक मजबूत वैश्विक उपस्थिति स्थापित की है।

संस्थान नोएडा और चेन्नई में दो प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र संचालित करता है। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएँ फुटवियर, चमड़ा, कपड़ा, प्लास्टिक और अन्य कंपोनेन्टों के परीक्षण के लिए अग्रणी वैश्विक ब्रांडों द्वारा विश्वसनीय मानी जाती हैं।

नवाचार और उद्योग 4.0 को बढ़ावा देने के लिए, एफडीडीआई ने कई परिसरों को विशिष्ट उत्कृष्टता केंद्रों में उन्नत किया है, जो गैर-चमड़े के फुटवियर, उच्च-प्रदर्शन वाले उत्पाद, चमड़े के सामान, फैब्रिक इंटरफेस और चमड़े की फिनिशिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। ये केंद्र अनुसंधान, नए उत्पाद विकास, परीक्षण, इनक्यूबेशन और स्टार्ट-अप के लिए मार्गदर्शन में सहायता प्रदान करते हैं।

एफडीडीआई नवाचार को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक और उद्योग मानकों को बढ़ाने के लिए अग्रणी संस्थानों और संगठनों – जिनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईटी जोधपुर, नॉर्थम्पटन विश्वविद्यालय, एनआईएफटी, सीआईपीईटी और अन्य के साथ मिलकर काम कर रहा है।

इसके अतिरिक्त, संस्थान फुटवियर विनिर्माण और खुदरा बिक्री में पुनर्वास पाठ्यक्रम प्रदान करके सशस्त्र बलों के कर्मियों को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे उन्हें नए पेशेवर या उद्यमशील भूमिकाओं में आसानी से स्थानांतरित होने में मदद मिलती है।

श्री विवेक शर्मा, आईआरएस, प्रबंध निदेशक, एफडीडीआई

एफडीडीआई के सत्र 2024 और 2025 के स्नातकों के लिए आयोजित दीक्षांत समारोह के बारे में जानकारी देते हुए, एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक, आईआरएस, श्री विवेक शर्मा ने कहा, “हम जिन उद्योगों को सेवाएँ प्रदान करते हैं, वे तेज़ी से विकसित हो रहे हैं, और एफडीडीआई ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि हमारे स्नातक उनके साथ विकसित हों। उनकी बहुमुखी प्रतिभा, मज़बूत तकनीकी आधार और समस्या-समाधान की मानसिकता उन्हें फुटवियर, चमड़ा, फ़ैशन और खुदरा क्षेत्रों में मूल्यवान योगदानकर्ता बनाती है। हम अकादमिक उत्कृष्टता और सार्थक उद्योग साझेदारियों के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

श्री शर्मा ने बताया कि, “आठ परिसरों- नोएडा, चेन्नई, कोलकाता, रोहतक, गुना, अंकलेश्वर, चंडीगढ़ और पटना- के सत्र 2024 और 2025 के विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह 1 दिसंबर 2025 को भीम हॉल, डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 547 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।”

उपलब्धि प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों का विवरण

अपनी स्थापना के 40 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, एफडीडीआई ने डिज़ाइन, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन में अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से फुटवियर, चमड़ा और संबद्ध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संस्थान ने कौशल को वैश्विक मानकों के अनुरूप उन्नत करके उद्योग क्षमता को सुदृढ़ किया है और उत्पाद विकास, गुणवत्ता आश्वासन, प्रौद्योगिकी उन्नयन और प्रबंधकीय, पर्यावरणीय एवं व्यावसायिक पहलुओं से संबंधित समग्र समाधानों में तकनीकी सहायता प्रदान की है।

सुश्री मंजू मन, कार्यकारी निदेशक, एफडीडीआई नोएडा परिसर

दीक्षांत समारोह के अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए, एफडीडीआई नोएडा की कार्यकारी निदेशक, सुश्री मंजू मन ने कहा, “हमें अपने छात्रों की उपलब्धियों पर बहुत गर्व है। उनकी तकनीकी समझ, उद्योग जगत का अनुभव और पेशेवर रवैया पूरी एफडीडीआई टीम के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। हमें विश्वास है कि हमारे स्नातक बैच संस्थान को पहचान दिलाते रहेंगे और जहाँ भी जाएँगे, सकारात्मक योगदान देंगे।”

दीक्षांत समारोह 2025 में न केवल छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, बल्कि भारत के फुटवियर, चमड़ा, फैशन और खुदरा उद्योगों के लिए भावी कार्यबल को आकार देने में एफडीडीआई की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। एफडीडीआई भारत के माननीय राष्ट्रपति, माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री, सरकारी अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, गौरवान्वित अभिभावकों, मीडियाकर्मियों और सभी अतिथियों का इस अवसर पर अपनी गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने और इसे और अधिक सशक्त बनाने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है

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