भूटान की ईवी रणनीति को बढ़ावा देगा भारत का ई-मोबिलिटी प्रोजेक्ट

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थिम्पू। भारत सरकार भूटान में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में मदद कर रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाना और कार्बन उत्सर्जन कम करना है। भारत की ‘ई-मोबिलिटी अपनाने में तेजी लाना’ परियोजना के तहत देश भर के नागरिकों को स्वच्छ एवं अधिक कुशल सेवाएं प्राप्त होंगी।
थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा भारत-भूटान के बीच विकास साझेदारी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रोजेक्ट भूटान की ईवी रणनीति को बढ़ावा देगा, जिसमें 45 ई-बसों की तैनाती, शहरी इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट के लिए 30 चार्जिंग स्टेशन, सरकारी इस्तेमाल के लिए ई-वाहन और इंजीनियरों और टेक्नीशियन की क्षमता निर्माण शामिल है। भारत भूटान में ई-मोबिलिटी प्रयासों का समर्थन करके खुश है।

भूटान के सतह परिवहन विभाग, इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि मंत्रालय ने 45 इलेक्ट्रिक बसों और संबंधित सेवाओं की खरीद के लिए स्विच मोबिलिटी ऑटोमोटिव लिमिटेड के साथ 350,415,000 न्गुल्ट्रम का नौ महीने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।

बयान में कहा गया भारत सरकार द्वारा प्रोजेक्ट टाइड असिस्टेंस “भूटान में ई-मोबिलिटी अपनाने में तेजी लाना” प्रोजेक्ट के तहत समर्थित, यह निवेश भूटान के पब्लिक ट्रांसपोर्ट फ्लीट को आधुनिक बनाएगा, कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा और देश भर के समुदायों को स्वच्छ, अधिक कुशल सेवाएं प्रदान करेगा। उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बसें 2026 के आखिर तक ऑपरेशनल हो जाएंगी। यह प्रोजेक्ट भूटान की कार्बन-नेगेटिव स्थिति बनाए रखने और साथ ही टिकाऊ परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

बता दें कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत भूटान के विभिन्न डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में सहयोग कर रहा है। ई-मोबिलिटी के अलावा, भारत भूटान में बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट्स (जैसे पुनात्सांगछू-II) में भी भारी निवेश कर रहा है, जो इन वाहनों के लिए स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेंगे। इसके अलावा भारत और भूटान रिन्यूएबल एनर्जी राउंडटेबल के जरिए भी ई-मोबिलिटी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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