विदेश मंत्रालय की डिजिटल पहलों से भारतीय डायस्पोरा की सुरक्षा हुई मजबूत

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नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय की डिजिटल पहलों और सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस ने भारतीय डायस्पोरा के लिए पहचान वेरिफिकेशन और सिक्योरिटी को मजबूत किया है। सिस्टम को डिजिटल बनाने से न केवल पासपोर्ट सर्विस तीव्र और भरोसेमंद हुई है, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों को किसी भी मुसीबत के समय अपने संबंधित भारतीय मिशन से तुरंत सपर्क साधने में भी मदद मिलती है। यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए दी।

राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने राज्यसभा में विदेश मंत्रालय के समक्ष दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय के कल्याण, सुरक्षा एवं बचाव और मंत्रालय एवं भारतीय मिशनों की डिजिटल पहल से जुड़ा सवाल पूछा था। इसका जवाब देते हुए राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि इंडियन डायस्पोरा की सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि मिनिस्ट्री द्वारा बनाए गए ‘मदद’ पोर्टल और ‘सीपीजीआरएएमएस’ के जरिए किसी भी मुसीबत के समय भारतीय मूल के लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

उन्होंने कहा इंडियन डायस्पोरा सदस्यों की शिकायतों का जवाब लगभग रियल टाइम बेसिस पर दिया जाता है। मुश्किल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए विदेश में इंडियन मिशन/पोस्ट में इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (आईसीडब्ल्यूएफ) भी बनाया गया है। विदेशों में भारतीय मिशन और पोस्ट, खासकर उन देशों में जहां राजनीतिक अस्थिरता या आर्थिक संकट है, सतर्क रहते हैं और ऐसे किसी भी डेवलपमेंट पर करीब से नजर रखते हैं, जिससे ऐसे इलाकों में रहने वाले भारतीय डायस्पोरा पर बुरा असर पड़ सकता है। मुश्किल हालात के दौरान, भारतीय मिशन फंसे हुए भारतीयों को खाना, रहने की जगह, दवा देकर मदद करते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें भारत लाते हैं।

राज्य मंत्री ने बताया पासपोर्ट सेवा और ई-वीजा जैसी डिजिटल पहलों ने पासपोर्ट सर्विस को आसान बना दिया है। विदेशों में 203 भारतीय मिशन/पोस्ट में पासपोर्ट सर्विस को मजबूत और आसान बनाया गया है, जिससे काम का तरीका तेज हुआ है तथा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित हो गई है।

मिनिस्ट्री ने ऑनलाइन सर्विस देने की अपनी कोशिश में ‘सेवा- इंडियन कॉन्सुलर सर्विसेज सिस्टम’ भी शुरू किया है, जिससे भारतीय नागरिक विदेश में भारतीय मिशन/पोस्ट पर अलग-अलग कॉन्सुलर सर्विस के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। अब तक, 117 भारतीय मिशन/पोस्ट ई-सेवा प्लेटफॉर्म पर आ चुके हैं। मिनिस्ट्री ने ई-माइग्रेट प्लेटफॉर्म को भी मजबूत किया है, जो रिक्रूटिंग एजेंट्स, विदेशी एम्प्लॉयर्स और इमिग्रेंट्स को एक यूनिफाइड डिजिटल इकोसिस्टम में एक साथ लाता है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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