सपा नेता पर दलित परिवार की जमीन हड़पने का आरोप,पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

नोएडा। समाजवादी पार्टी के नेता राहुल अवाना पर एक दलित परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। बुधवार को सेक्टर-29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता सुभाष चंद ने दावा किया कि उनके परिवार की जमीन को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा है और न्यायालयों से उनके पक्ष में फैसले आने के बावजूद उन्हें अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। सुभाष चंद्र ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय नत्थी सिंह पथिक ने वर्ष 1989-90 में भंगेल क्षेत्र में अपने बच्चों के लिए 2,117 वर्गगज भूमि खरीदी थी। उनके अनुसार बाद में राहुल अवाना के दादा ओमप्रकाश ने अपने पुत्रों के नाम 200-200 वर्गगज के चार प्लॉट खरीदे थे।

इस दौरान करीब 300 वर्गगज भूमि का अधिग्रहण नोएडा प्राधिकरण द्वारा कर लिया गया था। इसके बाद बची हुई 1,017 वर्गगज भूमि पर राहुल अवाना की नजर पड़ गई और उस पर कब्जा करने की नीयत से न्यायालय का सहारा लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल अवाना के परिवार की ओर से दायर सिविल वाद में न्यायालय ने उनके परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद राहुल अवाना के पिता अजीत अवाना द्वारा दायर अपील भी 28 फरवरी 2025 को खारिज कर दी गई। न्यायालय से राहत मिलने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन से अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की।

कोर्ट और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कब्जा न मिलने का आरोप

पीड़ित पक्ष का कहना है कि एसडीएम दादरी द्वारा मामले की जांच कर राजस्व विभाग को कब्जा दिलाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की, जिस पर न्यायालय ने उप जिलाधिकारी को निर्धारित समयसीमा में मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

दो बार तिथि निर्धारित होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई।

सुभाष चंद के अनुसार उप जिलाधिकारी ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए भूमि की पक्की मेड़बंदी कराने के आदेश भी जारी किए, लेकिन दो बार तिथि निर्धारित होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि हर बार किसी न किसी कारण का हवाला देकर प्रक्रिया को टाल दिया जाता है।

प्रेसवार्ता में सुभाष चंद ने कहा कि एक ओर राहुल अवाना समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के अधिकारों की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनका परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से एक दलित परिवार को परेशान कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेशों का पालन कराने और उन्हें उनकी भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की।