प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

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केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लिया गया। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंप दिया।

प्रह्लाद जोशी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से कई बार सांसद चुने जा चुके हैं और केंद्र सरकार में पहले से ही महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय की कमान भी सौंपी गई है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार इस विभाग में बिना किसी देरी के कामकाज जारी रखना चाहती है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पूरे देश की नजरें केंद्र सरकार पर थीं। सरकार ने तेजी से निर्णय लेते हुए अनुभवी नेता प्रह्लाद जोशी को यह जिम्मेदारी दी। माना जा रहा है कि वे मौजूदा शिक्षा संबंधी योजनाओं और सुधारों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ मंत्रालय के लंबित कार्यों को भी गति देंगे।

प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक अनुभव दो दशक से अधिक का है। वे संसद और केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपे जाने को महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

सरकार की इस नियुक्ति के बाद अब शिक्षा क्षेत्र से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों की नजर नए शिक्षा मंत्री के आगामी फैसलों पर रहेगी। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और डिजिटल शिक्षा जैसे मुद्दों पर उनके निर्णयों का विशेष महत्व होगा।

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