पंजाब में सियासी बवाल: जिस मुद्दे पर AAP ने केंद्र को घेरा, अब उसी में खुद फंसी

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पंजाब की सियासत इन दिनों एक नए विवाद की चपेट में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को पेपर लीक को लेकर बढ़ते छात्र आंदोलन के दबाव में इस्तीफा दे दिया था। इसी घटनाक्रम के बाद पंजाब सरकार पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं, क्योंकि राज्य में हाल ही में एक भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल का मामला सामने आया था। खास बात यह है कि जिस पेपर लीक के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी, अब उसी मुद्दे पर पंजाब में उसकी अपनी सरकार निशाने पर आ गई है।

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क्या है पूरा मामला

19 जुलाई 2026 को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) की ओर से 454 पदों के लिए फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ही एक हाई-टेक नकल रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने पेन में लगे कैमरों की मदद से प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींचीं और उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए बाहर भेजा। इसके बाद ब्लूटूथ और वायरलेस डिवाइस के जरिए बाहर बैठे लोगों से रियल-टाइम में जवाब मंगवाए गए। फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के कुछ परीक्षा केंद्रों पर यह गड़बड़ी पकड़ी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके से डिवाइस बरामद कर करीब 31 से 35 लोगों को गिरफ्तार किया।

विपक्ष हुआ हमलावर, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

इस पूरे प्रकरण के बाद कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार पर हमला बोल दिया है। इन दलों का कहना है कि जिस तरह नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, उसी मापदंड पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को भी पद छोड़ देना चाहिए। भाजपा ने तो सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है — यानी राष्ट्रीय स्तर के पेपर लीक पर आवाज उठाना, लेकिन अपने राज्य में चुप्पी साध लेना।

सोमवार को फरीदकोट में यह गुस्सा सड़कों पर दिखा, जहां यूथ अकाली दल और स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) से जुड़े सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाहर धरना देकर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की। वहीं चंडीगढ़ में भाजपा के छात्र संगठन ABVP ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी में भी प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है।

सरकार और शिक्षा मंत्री का पक्ष

दबाव के बीच शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सफाई देते हुए कहा कि यह मामला सीधे तौर पर उनके विभाग से जुड़ा नहीं है, बल्कि कुछ छात्रों ने कैमरा-युक्त पेन के जरिए धोखाधड़ी की कोशिश की, जिसे प्रशासन ने समय रहते पकड़ लिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर उनके इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती दिखे, तो वे इसके लिए तैयार हैं। हालांकि पार्टी हाईकमान ने उनका बचाव करते हुए साफ किया है कि यह पारंपरिक अर्थों में “पेपर लीक” नहीं था — न पहले से कोई प्रश्न पत्र बाहर आया और न ही किसी अधिकारी की मिलीभगत सामने आई है, बल्कि यह नकल की एक कोशिश थी जिसे परीक्षा के दौरान ही रोक दिया गया। इसी आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंत्री के इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री

इस विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके का बयान सामने आया। उन्होंने मीडिया से कहा कि उनकी टीम इस मुद्दे पर भी आगे की रणनीति तैयार कर रही है, हालांकि अभी जंतर-मंतर पर चला आंदोलन खत्म हुआ है, इसलिए अगला कदम तय करने में थोड़ा वक्त लगेगा। भाजपा ने भी CJP से पंजाब में इस मुद्दे पर सड़क पर उतरने की अपील की है।

पंजाब में पेपर लीक का पुराना इतिहास

यह पहला मौका नहीं है जब पंजाब में परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में आई हो। मार्च 2022 में AAP सरकार बनने के बाद से अब तक करीब छह बड़े परीक्षा और भर्ती घोटाले सामने आ चुके हैं, जिनसे करीब 5 लाख पंजाबी प्रभावित हुए हैं:

  • मई 2022 — PPSC नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा में हाई-टेक डिवाइस के जरिए अंतर-राज्यीय नकल रैकेट पकड़ा गया।
  • मार्च 2023 — पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) रद्द करनी पड़ी, क्योंकि सही उत्तर प्रश्न पत्र में ही छपे मिले।
  • फरवरी 2023 — PSEB 12वीं अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक होने से अंतिम समय में परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
  • जून 2024 — PPSC कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती में पेपर लीक और रिश्वत के आरोप लगे, हालांकि जांच में दावे साबित नहीं हुए।
  • दिसंबर 2025 — PSSSB ग्रुप-B भर्ती परीक्षा में बठिंडा से असामान्य रूप से ज्यादा सफलता दर पर सवाल उठे, जांच में शिकायतें सही पाई गईं।
  • जुलाई 2026 — अब ताजा मामला फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का है।

आगे क्या

पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमाने की उम्मीद है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी इस मुद्दे पर राज्यव्यापी अभियान शुरू करने के संकेत दिए हैं। देखना यह होगा कि क्या भगवंत मान सरकार शिक्षा मंत्री का बचाव करते हुए इस दबाव से निकल पाती है, या विपक्ष का दबाव आखिरकार इस्तीफे तक पहुंचता है।

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