4 दिन से भूखे-प्यासे राहुल की तबीयत बिगड़ी, रांची छात्र आंदोलन में मचा हड़कंप

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रांची में बीते दो हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी राहुल की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। राहुल उन चार आंदोलनकारियों में शामिल हैं जो JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे हैं।

चार दिन से भूखे-प्यासे थे राहुल

छात्रों के मुताबिक राहुल पिछले चार दिनों से बिना कुछ खाए-पिए आमरण अनशन पर डटे हुए थे, जिस वजह से उनका शरीर तप उठा और हालत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि राहुल ने पहले कई सरकारी परीक्षाएं पास कीं और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा भी क्लियर की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकारी भर्तियों में बैकडोर से सेटिंग की गई, जबकि मेहनती अभ्यर्थी सालों से इंतजार करते रह गए।

“यह सिर्फ एक की तबीयत का मामला नहीं”

आंदोलन में शामिल छात्रों ने कहा कि राहुल की तबीयत बिगड़ना अकेली घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से जमा नाराजगी और सिस्टम की अनदेखी का नतीजा है। छात्रों ने बताया कि वे पहले भी अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। राहुल गांधी से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए छात्रों ने कहा कि उन्होंने आंदोलन को समर्थन दिया है और अब वे मुलाकात के लिए उचित समय मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

छात्र नेता बोले- शरीर ने जवाब देना शुरू किया

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने भी अपनी बिगड़ती सेहत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका चेहरा खुद उनकी हालत बयां कर रहा है और वे मुश्किल से सुन-बोल पा रहे हैं, जबकि शरीर के बाकी अंग साथ नहीं दे रहे। उन्होंने सरकार के रवैये को छात्रों के प्रति संवेदनहीन करार देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई एक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए है जिसमें धांधली और पेपर लीक की कोई गुंजाइश न बचे।

28 साल की सविता की भी दर्द भरी कहानी

आंदोलन में शामिल एक अन्य प्रदर्शनकारी, सविता ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना है कि पिता ने विरोध के बावजूद उन्हें पढ़ाया, लेकिन अब खाली हाथ घर लौटना मुश्किल है। सविता के मुताबिक उम्र निकलती जा रही है, मेहनत भी की गई है, पर व्यवस्था हर बार धोखा दे देती है।

स्थानीय समर्थन और CJP की एंट्री

रांची के स्थानीय लोग और दुकानदार भी प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। लोग मदद के लिए ऑनलाइन और नकद दोनों माध्यमों से आगे आ रहे हैं, हालांकि छात्र पैसा स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं। खराब मौसम के बीच प्रदर्शन जारी रखे छात्रों के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रेनकोट भेजे हैं, और पार्टी का नेतृत्व आज रांची पहुंचकर छात्रों से मुलाकात करेगा।

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