जयशंकर की फ्रांस यात्रा, रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर फोकस

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पेरिस। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर फ्रांस के आधिकारिक दौरे पर हैं, जो भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में लगातार बनी गति को दर्शाता है। पेरिस पहुंचे डॉ. जयशंकर अपनी इस यात्रा के दौरान फ्रेंच राजदूतों के सम्मेलन के 31वें एडिशन को गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर संबोधित करेंगे, जो दोनों देशों के बीच साझेदारी की गहराई और परिपक्वता को दिखाता है।

अपनी यात्रा के पहले दिन, डॉ. जयशंकर ने पेरिस में ‘भारत और फ्रांस के बीच बुनी हुई कहानियां’ नाम की एक प्रदर्शनी देखी। एक्स पर एक पोस्ट में अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए विदेश मंत्री ने लिखा आज शाम पेरिस में ‘भारत और फ्रांस के बीच बुनी हुई कहानियां’ प्रदर्शनी देखी। यह प्रदर्शनी भारत की टेक्सटाइल विरासत जानकारी और रचनात्मकता को दिखाती है। यह भारत-फ्रांस के मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव की भी याद दिलाती है।

इसके बाद 5 जनवरी को डॉ. जयशंकर ने फ्रेंच-इंडियन यंग टैलेंट्स प्रोग्राम के प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। यह पहल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फ्रांस-इंडिया द्वारा आयोजित की गई थी। बातचीत में वैश्विक बदलावों और उभरती चुनौतियों से निपटने में भारत-फ्रांस सहयोग की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस बातचीत के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा दुनिया में हो रहे बदलावों और उस संदर्भ में भारत-फ्रांस सहयोग के महत्व पर चर्चा की।

उसी दिन बाद में विदेश मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक, फितोह बिरोल से मुलाकात की। बैठक के बाद, डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा आज सुबह अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फितोह बिरोल से मुलाकात की। वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के उनके आकलन और भारत की वृद्धि और विकास के लिए उनके समर्थन की सराहना करता हूं।

विदेश मंत्री फ्रांस की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद लक्जमबर्ग भी जाएंगे, जहां वे लक्जमबर्ग के ग्रैंड डची के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेट्टेल के अलावा अन्य वरिष्ठ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों व विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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