बिहार शिक्षक भर्ती पेपर लीक: डॉक्टर मनीष गिरफ्तार

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बिहार शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में डॉक्टर मनीष गिरफ्तार

पटना: बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े होने और परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की साजिश में शामिल रहने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, डॉक्टर मनीष लंबे समय से एजेंसी की निगरानी में था। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। अब उससे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और पूरे रैकेट के संचालन को लेकर पूछताछ की जा रही है।

होटल से शुरू हुई थी जांच

इस मामले की जांच उस समय तेज हुई थी, जब शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले पटना के एक होटल में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों और संदिग्धों से पूछताछ की गई। इसके बाद मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती थी। डॉक्टर मनीष की गिरफ्तारी को इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

नेटवर्क की परतें खंगाल रही EOU

EOU अब आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा परीक्षा की गोपनीयता भंग करने में किसकी क्या भूमिका रही।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। यदि नए नाम सामने आते हैं तो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

सैकड़ों गिरफ्तारियां, जांच जारी

बिहार शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामला राज्य की सबसे चर्चित परीक्षा अनियमितताओं में शामिल है। अब तक इस मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार जारी है। EOU का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।

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