PFI-बजरंग दल टिप्पणी पर खड़गे के खिलाफ वारंट, पुराने बयान पर फिर गरमाई सियासत

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मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ वारंट जारी, बजरंग दल टिप्पणी मामले से जुड़ी सांकेतिक फोटो।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक बार फिर अपने पुराने बयान को लेकर कानूनी विवाद में घिर गए हैं। अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है। मामला उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल का उल्लेख प्रतिबंधित संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के साथ किए जाने पर विवाद खड़ा हुआ था।

यह विवाद वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। कांग्रेस ने अपने चुनावी वादों में कहा था कि यदि राज्य में उसकी सरकार बनती है तो नफरत और सांप्रदायिक गतिविधियों में शामिल संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी संदर्भ में बजरंग दल और PFI का नाम एक साथ आने पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

इस टिप्पणी के बाद बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं की ओर से अदालत में शिकायत दायर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व के बयान से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा और उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया।

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा और अन्य विपक्षी दल इस मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेगी और अदालत में अपना पक्ष रखेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक भाषण और कथित मानहानि से जुड़े पहलुओं पर आधारित है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अदालत दोनों पक्षों के तर्क और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय करेगी।

फिलहाल वारंट जारी होने के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। सभी की निगाहें अब अदालत की अगली सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हैं।

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