NEET पेपर लीक के बाद बड़ा कदम: नंदन नीलेकणी की अगुवाई में परीक्षा सुधार टास्क फोर्स, 2024 और 2026 में क्या बदला?

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नीट-यूजी परीक्षा को लेकर विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो साल के भीतर दूसरी बार केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली सुधारने के लिए एक बड़ी कमेटी खड़ी करनी पड़ी है। इस बार कमान इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के हाथों में है, और उनके साथ टेक्नोलॉजी व सुरक्षा जगत के कई दिग्गज नाम जुड़े हैं।

गुस्सा क्यों बढ़ा इस बार?

2024 में नीट पेपर लीक का मामला ज्यादातर बिहार तक सीमित माना गया था, और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे स्थानीय स्तर की गड़बड़ी करार देकर दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया था। लेकिन 2026 में हालात बिल्कुल पलट गए — परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर बड़े पैमाने पर लीक हो गया, जिससे पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। नतीजतन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन हफ्तों तक चला, और मामला सिर्फ परीक्षा तक सीमित न रहकर सरकार की साख का सवाल बन गया।

पुरानी कमेटी बनाम नई टास्क फोर्स

2024 में बनी कमेटी की अगुवाई इसरो के पूर्व चीफ डॉ. के. राधाकृष्णन कर रहे थे, जिसमें ज्यादातर शिक्षाविद और अफसर शामिल थे। इसका मकसद था — परीक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर और NTA की कार्यशैली की समीक्षा करना।

नई टास्क फोर्स की बनावट पूरी तरह अलग है। नंदन नीलेकणी के अलावा इसमें इसरो चीफ एस. सोमनाथ, पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ तपन डेका, IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामाकोटी और पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल शामिल हैं। यह टीम सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि डेटा सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और लीक-प्रूफ सिस्टम डिजाइन करने पर फोकस करेगी।

पिछली बार सिफारिशें अटकीं क्यों?

राधाकृष्णन कमेटी ने 101 सुझाव दिए थे, लेकिन ज्यादातर कागजों में ही दब गए। NTA आज भी सीमित स्थायी स्टाफ और भारी आउटसोर्सिंग पर निर्भर एजेंसी बनी हुई है — यही वजह रही कि पुराने सुधार असरदार साबित नहीं हुए।

इस बार फर्क क्या है?

छात्र आंदोलन, विपक्ष का दबाव और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार की सक्रियता साफ नजर आ रही है। नया कानून संसद में पेश हो चुका है, और प्रधानमंत्री मोदी खुद वीडियो संदेश जारी कर इस मुद्दे की निगरानी कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों वाली यह नई टीम आखिरकार परीक्षा प्रणाली को कितना सुरक्षित बना पाती है।

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