झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने माफिया अतीक अहमद के परिवार को एक बार फिर गहरे सदमे में डाल दिया है। पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास तेज रफ्तार क्रेटा कार बेकाबू होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस दुर्घटना में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान और उसके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार तीन अन्य युवक घायल हो गए। हादसे के वक्त कार उरई से झांसी की तरफ जा रही थी।
जेल में खबर पहुंचते ही टूट गया भाई अली
अबान की मौत की सूचना जैसे ही झांसी जेल पहुंची, वहां बंद उसका बड़ा भाई अली पूरी तरह भावुक हो गया। जेल अधीक्षक विनोद कुमार के हवाले से बताया गया कि हादसे की जानकारी मिलते ही अली बेचैन हो उठा और रोते-रोते बस यही कहता रहा कि अब सबकुछ खत्म हो गया। वहीं परिवार का एक और सदस्य, भाई अहजम अहमद, घटनास्थल के साथ-साथ पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचा।
फोरेंसिक टीम को कार से क्या मिला
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर हादसे वाली क्रेटा कार की बारीकी से जांच की। तलाशी में कार से दो उपन्यास — “स्टेशनरी ऑफ तेहरान” और “इडियट” — बरामद हुए। इसके अलावा गुटखा, इत्र की शीशी और सवार युवकों का निजी सामान भी जब्त किया गया, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
चश्मदीदों ने बताया कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार सामने अचानक आई किसी चीज को बचाने के चक्कर में कार तेज रफ्तार से उछलकर गलत साइड मुड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एयरबैग खुल गए और आगे की सीट बुरी तरह दब गई। आसपास मौजूद लोगों ने रॉड की मदद से दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि गाड़ी में अतीक अहमद का बेटा सवार था।
कसारी-मसारी कब्रिस्तान में होगी सुपुर्द-ए-खाक
पोस्टमार्टम के बाद अबान का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार की नमाज के बाद उसे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा — ठीक उसी जगह जहां पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ और बड़े भाई असद की कब्रें हैं। अबान की कब्र अतीक की कब्र के ठीक बगल में तैयार की गई है।







