UNSC सुधार पर भारत का बड़ा बयान, मुट्ठीभर देशों को चेतावनी

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार पर भारत का पक्ष रखते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार को लेकर भारत ने एक बार फिर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया अब कुछ चुनिंदा देशों के संकीर्ण हितों की बंधक बनकर नहीं रह सकती।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद सुधारों पर अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) को 81वें सत्र तक आगे बढ़ाए जाने के दौरान भारत ने सुधार प्रक्रिया की धीमी गति पर निराशा जताई। भारत ने कहा कि वर्षों से जारी चर्चाओं के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

पी. हरीश ने भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे आत्मा मोक्ष से पहले कई जन्मों का चक्र पूरा करती है, उसी तरह सुरक्षा परिषद सुधारों की प्रक्रिया भी 17 दौर पूरे कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई वास्तविक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अब 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, इसलिए अब केवल चर्चा नहीं बल्कि ठोस निर्णय की आवश्यकता है।

भारत ने सुरक्षा परिषद सुधारों के लिए टेक्स्ट-बेस्ड बातचीत शुरू करने और उसके लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग दोहराई। भारत का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रतिनिधित्व वाला और प्रभावी बनाना जरूरी है।

इसके अलावा भारत ने महासभा में स्मार्ट सिटीज मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। वहीं सुरक्षा परिषद की बैठक में लाल सागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया।

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