गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को डेयरी विकास, पशु स्वास्थ्य, आधुनिक पशुपालन तकनीकों तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का आयोजन दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने पशुपालन को आय का सशक्त माध्यम बताते हुए किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की ई-लॉटरी में चयनित लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए गए। लाभार्थियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पशुपालन क्षेत्र के लिए लाभकारी बताया।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ स्थित मुख्यालय से दुग्ध आयुक्त धन लक्ष्मी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। साथ ही जूम लिंक के माध्यम से उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग की 50 वर्षों की विकास यात्रा तथा पशु रोग नियंत्रण एवं टीकाकरण से संबंधित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित किसानों और पशुपालकों ने रुचि के साथ देखा।
कार्यक्रम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सचान, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. विपिन कुमार तथा वैज्ञानिक डॉ. कुमार घनश्याम ने पशुओं के वैज्ञानिक रखरखाव, संतुलित चारा प्रबंधन, संक्रामक रोगों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और आधुनिक पशुपालन पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर पशुपालक दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं।
इसके अलावा नाबार्ड की जिला विकास अधिकारी अलका एवं एलडीएम ने किसानों को कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा डेयरी व्यवसाय के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी। वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, डेयरी विकास कार्यक्रमों और पात्रता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। साथ ही किसानों से अपील की कि वे आधुनिक डेयरी प्रबंधन अपनाकर सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, अधिकारियों, किसानों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।








